बिशप विंसेंट आइंद बने रांची आर्चडायसिस के नये आर्चबिशप

बिशप विंसेंट आइंद के कार्य संभालने तक आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो आपिस्तोलिक प्रशासक के रूप में रांची महाधर्मप्रांत को अपनी सेवा देते रहेंगे | विंसेंट आइंद सेंट जोसेफ कॉलेज, दार्जिलिंग से अर्थशास्त्र में स्नातक और उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में स्नातकोत्तर हैं | पोप फ्रांसिस ने बागडोगरा, पश्चिम बंगाल के बिशप विंसेंट आइंद को रांची महाधर्मप्रांत का नया आर्चबिशप नियुक्त किया है |

इसकी घोषणा 30 दिसंबर को एक साथ, दिन के 12 बजे वेटिकन रोम से और भारतीय समयानुसार शाम 4.30 बजे रांची से की गयी. रांची में आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने आर्चबिशप हाऊस में रांची के पल्ली पुरोहितों व मेजर सुपीरियर्स के साथ बैठक में ननसिएचर दिल्ली से प्राप्त पत्र पढ़ कर सुनाया और उनके सम्मुख बिशप विंसेंट आइंद के नाम की घोषणा की.

योगेंद्र तिवारी ने बालू और जमीन बेचकर की 14.77 करोड़ की अवैध कमाई

रांची 29 दिसंबर 2023 : रिपोर्ट के अनुसार, योगेंद्र तिवारी ने 23 पार्टनरशिप फर्म बना रखे हैं. इसमें से 13 में योगेंद्र तिवारी और उसके पारिवारिक सदस्य पार्टनर हैं | इन व्यापारिक संस्थाओं में उसके सहयोगी और कर्मचारी पार्टनर हैं. | योगेंद्र तिवारी ने बालू और जमीन के व्यापार से हुई अवैध कमाई शराब के व्यापार में लगायी|

उसने बालू की अवैध बिक्री से 9.15 करोड़ रुपये और राय बंगला की जमीन बेच कर नकद 5.62 करोड़ रुपये जुटाये. राय बंगला की जमीन की बिक्री में वास्तविक मूल्य को छिपाया गया था. सेल डीड में दिखायी गयी कीमत का भुगतान चेक के जरिये किया गया. शेष 50 प्रतिशत रकम का भुगतान नकद किया गया. 12 खरीदारों ने नकद के रूप में योगेंद्र तिवारी ग्रुप के लोगों को 5.62 करोड़ रुपये का नकद भुगतान किया. बालू और जमीन से हुई इस अवैध आमदनी को शराब के व्यापार से जुड़ी 11 कंपनियों के खाते में जमा किया गया. साथ ही इसका इस्तेमाल लाइसेंस फीस चुकाने में किया गया. इडी द्वारा दायर आरोप पत्र में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है |

झारखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा उपलब्धियां गिनाए

रांची : 28 दिसंबर 2023 : इस दिन मुख्य समाचार हेमंत सोरेन सरकार के चार साल के कार्यकाल के पूरे होने से जुड़ा था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार की चार वर्षों की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने राज्य की जनता के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं को रेखांकित किया।

सरकार ने अपनी उपलब्धियों का एक विस्तृत ब्योरा जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया है। 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम को सरकार की सबसे बड़ी सफलता के रूप में पेश किया गया। इस योजना के तहत लाखों ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया। मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे, सड़क, और बिजली के क्षेत्र में हुए सुधारों को गिनाया। शिक्षा के क्षेत्र में 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' की शुरुआत को एक बड़ा मील का पत्थर बताया गया। महिलाओं और वृद्धों के लिए पेंशन योजनाओं के सरलीकरण को सरकार की संवेदनशीलता से जोड़ा गया। कृषि ऋण माफी योजना से किसानों को मिली बड़ी राहत का समाचार में विशेष उल्लेख था। सोरेन सरकार ने स्थानीय नीति और 1932 के खतियान के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं के लिए रोजगार और नियुक्ति नियमावली में किए गए बदलावों पर भी चर्चा की गई। खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सीधी नियुक्ति नीति को सराहा गया।

सर्राफा बाजार समीक्षा: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी में भारी उतार-चढ़ाव जारी

रांची 14 मार्च 2026 : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग में आए बदलावों के बीच 14 मार्च 2026 को जारी बाजार भाव के अनुसार सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण हलचल देखी गई। शादी-ब्याह के सीजन के बावजूद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं के रुख में नरमी के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई | जबकि चांदी के भाव में पूरे दिन उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना रहा।

सोने के भाव में गिरावट: 22 कैरेट और 24 कैरेट का रुख

14 मार्च 2026 को घरेलू सर्राफा बाजार खुलते ही सोने में सुस्ती देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण भारतीय बाजारों में भी इसका सीधा असर पड़ा:

• 22 कैरेट सोने का भाव: आभूषण निर्माताओं और खुदरा खरीदारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 14,729 रुपये प्रति ग्राम के आसपास दर्ज की गई। प्रति 10 ग्राम (एक तोला) के हिसाब से यह भाव लगभग 1,47,290 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सर्राफा बाजार समीक्षा: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी में भारी उतार-चढ़ाव जारी

रांची 14 मार्च 2026 : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग में आए बदलावों के बीच 14 मार्च 2026 को जारी बाजार भाव के अनुसार सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण हलचल देखी गई। शादी-ब्याह के सीजन के बावजूद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं के रुख में नरमी के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई | जबकि चांदी के भाव में पूरे दिन उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना रहा।

सोने के भाव में गिरावट: 22 कैरेट और 24 कैरेट का रुख

14 मार्च 2026 को घरेलू सर्राफा बाजार खुलते ही सोने में सुस्ती देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण भारतीय बाजारों में भी इसका सीधा असर पड़ा:

• 22 कैरेट सोने का भाव: आभूषण निर्माताओं और खुदरा खरीदारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 14,729 रुपये प्रति ग्राम के आसपास दर्ज की गई। प्रति 10 ग्राम (एक तोला) के हिसाब से यह भाव लगभग 1,47,290 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

झारखंड विधानसभा बजट सत्र 2026 का समापन: सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा संबोधन, चतरा में नए विश्वविद्यालय की घोषणा

रांची 20 मार्च 2026 : झारखंड की राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को दिशा देने वाला विधानसभा का बजट सत्र 20 मार्च 2026 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन को संबोधित करते हुए राज्य के आर्थिक विकास का एक विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। 

अपने इस विदाई भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले छह वर्षों में राज्य की वित्तीय प्रगति की सराहना की और शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए चतरा जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना करने की एक ऐतिहासिक घोषणा की।झारखंड के बजट में 85% की ऐतिहासिक वृद्धि : सदन में राज्य की आर्थिक प्रगति के आंकड़े रखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि झारखंड वित्तीय रूप से आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है: बजट का आकार: पिछले 6 वर्षों में झारखंड का कुल बजटीय आकार ₹86,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,58,560 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: रांची सहित 14 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'अलर्ट' जारी

रांची 21 मार्च 2026 :अचानक आए इस मौसमी बदलाव के कारण 21 मार्च 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया। एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने के कारण झारखंड के उत्तरी, मध्य और पूर्वी जिलों में मौसम के अत्यधिक आक्रामक होने की चेतावनी दी गई।

60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार: मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि इस दौरान राज्य के प्रभावित हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी-तूफान और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: रांची सहित 14 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'अलर्ट' जारी


झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: रांची सहित 14 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'अलर्ट' जारी

रांची : 19 मार्च 2026: देश के उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में कथित तौर पर बढ़ते जातिगत भेदभाव और केंद्र सरकार की नई नीतियों के खिलाफ चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन की गूंज 19 मार्च 2026 को झारखंड की राजधानी रांची में भी पुरजोर तरीके से सुनाई दी। रांची के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र संगठनों ने एकजुट होकर सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। छात्रों ने हाल ही में आए 'यूजीसी रेगुलेशन 2026' पर तुरंत रोक लगाने और परिसरों में छात्रों की सुरक्षा के लिए 'रोहित एक्ट' को अविलंब लागू करने की पुरजोर मांग की।

क्या है यूजीसी रेगुलेशन 2026 और छात्रों का विरोध?

प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा वर्ष 2026 में जारी किए गए नए नियम और रेगुलेशन उच्च शिक्षा में वंचित, पिछड़े और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST/OBC) वर्ग के छात्रों के अधिकारों को सीमित करते हैं।

• स्वायत्तता और फेलोशिप पर संकट: छात्रों का आरोप है कि नए नियमों के तहत फेलोशिप की प्रक्रियाओं को जटिल बनाया जा रहा है और विश्वविद्यालयों के निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

• रेगुलेशन पर रोक की मांग: रांची विश्वविद्यालय (RU) और अन्य संबद्ध कॉलेजों के छात्रों ने मार्च करते हुए राजभवन के समीप प्रदर्शन किया और मांग की कि जनविरोधी यूजीसी रेगुलेशन 2026 को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: रांची सहित 14 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'ऑранже अलर्ट' जारी

झारखंड : 21 मार्च 2026

मार्च महीने में अचानक आए इस मौसमी बदलाव के कारण 21 मार्च 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने के कारण राजधानी रांची सहित झारखंड के उत्तरी, मध्य और पूर्वी जिलों में मौसम के अत्यधिक आक्रामक होने की चेतावनी दी गई।

इस मौसमी चेतावनी और सुरक्षा से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अलर्ट

• 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार: मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि इस दौरान राज्य के प्रभावित हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी-तूफान और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

• ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना: आंधी के साथ-साथ कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ ओले गिरने की भी आशंका जताई गई, जो खेतों में खड़ी रबी और तैयार फसलों (विशेषकर दलहन और आम के मोजर) के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है।

इन 14 जिलों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम केंद्र ने राज्य के जिन जिलों को इस ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा, वे निम्नलिखित हैं:

• मध्य व राजधानी क्षेत्र: रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग।

• संथाल परगना प्रमंडल: दुमका, देवघर, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज।

• उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र: धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और चतरा।

⚡ वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर प्रशासन मुस्तैद

झारखंड में मानसून से पहले और मार्च-अप्रैल के महीनों में वज्रपात (Lightning) से जान-माल का काफी नुकसान होता है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की:

1. पेड़ों के नीचे शरण न लें: कड़कड़ाती धूप के बाद अचानक आने वाले तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास खड़े होने से सख्त मना किया गया।

2. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: तेज गर्जना के समय घरों के भीतर टीवी, फ्रिज और मोबाइल चार्जिंग जैसे बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल देने की सलाह दी गई।

3. किसानों को हिदायत: खेतों में काम कर रहे किसानों और चरवाहों को मौसम खराब होते ही तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा गया।

मौसम विभाग के अनुसार, इस आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के कारण दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को मार्च की शुरुआती गर्मी से तो तात्कालिक राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है।

यदि आप इस तूफान के कारण विभिन्न जिलों में फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट या आगामी 2-3 दिनों के मौसम के विस्तृत पूर्वानुमान के बारे में जानना चाहते हैं, तो कृपया मुझे बताएं।