'अपराधियों और माफियाओं का गैंग चलाते हैं अखिलेश', सपा पर बरसे भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल

*'नेशन फर्स्ट ही बीजेपी का मूलमंत्र, सपा की विचारधारा विभाजनकारी', अखिलेश पर बरसे बृजलाल*
*'सपा अपराधियों का गैंग, अखिलेश यादव उसके सरगना', बृजलाल का तीखा हमला*
*' बृजलाल बोले - आतंकियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश करने वाली सपा का चरित्र सभी को पता है'

लखनऊ। यूपी के पूर्व डीजीपी और भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा को 'गैंग' कहने वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है, जिसका मूलमंत्र 'नेशन फर्स्ट' है। उन्होंने सवाल उठाया कि अपराधियों और माफियाओं के गैंग के सहारे पार्टी चलाने वाले अखिलेश यादव किस मुंह से दूसरे दलों पर हमला करते हैं। उन्हें पहले अपने अतीत में झांकना चाहिए।
*योगी सरकार में बदली यूपी की तस्वीर*
बृजलाल ने कहा कि योगी सरकार में यूपी की तस्वीर बीमारू प्रदेश से विकसित प्रदेश में बदल गई है। राज्य में माफिया पर कार्रवाई, अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस और दंगों पर नियंत्रण से निवेश का माहौल बना है। बृजलाल ने दावा किया कि प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और राज्य का बजट बढ़कर 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि सपा शासनकाल में यह 3.46 लाख करोड़ रुपये था।
*मुख्तार और अतीक का नाम लेकर सपा को घेरा*
सपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। कृष्णानंद राय और राजू पाल हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में अपराधियों का हौसला सातवें आसमान पर था।
*सपा राज में आतंकियों के मुकदमे वापस लेने की हुई थी कोशिश*
बृजलाल ने कहा कि अखिलेश यादव सरकार ने 2013 में आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की थी। उन्होंने तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले के मुकदमे की चार्जशीट वापस लेने के प्रयास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव माफियाओं, शातिर अपराधियों और आतंकवादियों की मदद करते हैं। वो एक पार्टी नहीं बल्कि अपराधियों की एक गैंग चलाते हैं जिसके मुख्य सरगना वो खुद हैं।
वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना के फेज-2 के ले-आउट प्लान को स्वीकृति

- लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 188वीं बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

- आईटी सिटी में भू-स्वामियों को मिलेगा 50 प्रतिशत अविकसित भूखंड

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज पारिजात सभागार में हुई प्राधिकरण बोर्ड की 188वीं बैठक में प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। इस बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही वरुण विहार एवं नैमिष नगर आवासीय योजनाओं के फेज-2 के ले-आउट प्लान के अनुमोदन के साथ-साथ इन योजनाओं की कृषि क्षेत्र की भूमि का भू-उपयोग आवास के लिए परिवर्तित किए जाने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव सुशील प्रताप सिंह, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य पीएन सिंह एवं पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वरुण विहार एवं नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का फेज-2 विकसित किया जायेगा। जिसके लेआउट प्लान के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इन दोनों योजनाओं की अधिग्रहीत भूमि का भू-उपयोग कृषि क्षेत्र से आवासीय क्षेत्र में परिवर्तित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वरुण विहार एवं नैमिष नगर में विकास कार्यों को गति देने के लिए बैंक ऑफ इंडिया की इमर्जिंग कॉरपोरेट क्रेडिट ब्रांच से 1000 करोड़ रुपये के ऋण का इस्तेमाल भी आवश्यकतानुसार कर सकते हैं।

प्रबंध नगर योजना में न्यायलय भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, लखनऊ मंडल द्वारा 28 सितंबर 2026 के अनुसार प्रतिकर की दर का निर्धारण किसानों द्वारा प्रस्तुत समझौते के आधार पर पारित आदेशानुसार भुगतान किये जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव पर बोर्ड द्वारा निर्देश दिए गए कि एलडीए के अग्रिम आदेश को ध्यान में रखते हुए एनजीटी आदि सभी मुकदमों का उल्लेख करते हुए समाधान के उपरांत मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत वित्त पोषण करने के लिए शासन से अनुरोध किया जाये। यदि किसी कारणवश शासन से इसकी योजना की स्वीकृति नहीं प्राप्त होती है तो क्रियान्वन हेतु एलडीए उपाध्यक्ष को अधिकृत किये जाने के निर्देश बोर्ड द्वारा दिए जायेंगे।

मण्डलायुक्त ने आवासीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राधिकरण को लैंड पूलिंग नीति के तहत अपनी जमीन देने वाले भूमि-स्वामियों को कई गुना अधिक लाभ होगा। इसके तहत आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना के अंतर्गत लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त 10 एकड़ अथवा उससे अधिक भूमि के सापेक्ष भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अविकसित भूमि वापस की जाएगी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड योजना के अंतर्गत वरुण विहार टाउनशिप परियोजना, कैलाश कुंज कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास, पत्रकारपुरम में पार्किंग, हनुमान सेतु स्थित सार्वजानिक पुस्तकालय तथा कानपुर रोड पर ईडब्ल्यूएस सेक्टर-जी से संबंधित परियोजनाओं के लिए प्रेषित किए गए कार्यों पर चर्चा की गई। प्रियदर्शिनी योजना, नन्दाखेड़ा कॉम्प्लेक्स और तालकटोरा रोड, ऐशबाग के लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गयी है। वहीं अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में नियमानुसार कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 व 2014 तथा उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के लिए डीपीआर

संशोधन एवं परियोजनावधि में विस्तार करने के प्रस्ताव में विचार-विमर्श किया गया।

केन्या में सराहा गया यूपी का खाद्य प्रसंस्करण मॉडल
राजधानी नैरोबी में प्रवासी भारतीयों ने किया यूपी के राजस्व परिषद अध्यक्ष बीएल मीणा का भव्य स्वागत


लखनऊ:2 नवम्बर 2026। पूर्वी अफ़्रीकी देश केन्या में पहली बार आयोजित 13वें विश्व आलू कांग्रेस में  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की  दूरगामी सोच व पहल के तहत उत्तर प्रदेश  सरकार का प्रतिनिधित्व करने पहुँचे राजस्व परिषद के अध्यक्ष एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीणा का राजधानी नैरोबी में प्रवासी भारतीयों ने भव्य स्वागत किया।

ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट के चेयरमैन मनीष खेमका की पहल पर आयोजित  रात्रि भोज समारोह में केन्या के सभी प्रमुख भारतीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। खेमका ने मीणा का आभार करते हुए कहा कि उन्होंने प्रवासी समुदाय के आतिथ्य को स्वीकार कर हम सभी को गौरवान्वित किया। यह मुलाक़ात और संवाद उत्तर प्रदेश और केन्या के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अच्छी शुरुआत साबित होगी।
केन्या में भारत के विभिन्न प्रदेशों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रवासी भी बड़ी संख्या में रहते हैं। यूपी सरकार के शीर्ष अधिकारी को अपने बीच देखकर वे सभी उत्साहित थे। श्री मीणा ने सभी को उत्तर प्रदेश के साथ व्यापार का न्योता देकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। यूपी में बलिया के मूल निवासी व उत्तर प्रदेश केन्या एसोसिएशन के चेयरमैन शैलेश राय पिछले करीब 25 वर्षों से नैरोबी में रह कर फूलों का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी‌ सरकार के कारण कानून व्यवस्था की बहुत अच्छी स्थिति से यूपी के प्रवासी अब पुनः अपने प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे है।
कार्यक्रम में मौजूद राजस्थान फाउंडेशन, नैरोबी चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. सोनवीर सिंह, इंडिया केन्या चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अभिषेक राणा, व राजस्थान एसोसिएशन ऑफ केन्या के अध्यक्ष विवेक शर्मा समेत करीब सभी प्रवासी भारतीयों ने एक स्वर में देश व प्रदेश के सुशासन की सराहना की। सभी का मानना था कि इसकी वजह  से न केवल देश और प्रदेश में हालात पहले से काफ़ी बेहतर हुए हैं बल्कि विदेशों में भी भारतीयों का सम्मान काफ़ी बढ़ा है।
ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट के खेमका ने बताया कि राजधानी नैरोबी में आयोजित इस सम्मान समारोह से पहले नैवाशा शहर में आयोजित विश्व आलू कांग्रेस 2026 में केन्या के प्रमुख उद्योगपति और अफ्रीकी कृषि जगत के अग्रणी डॉ. बिमल कांटारिया ने भी मीणा से मुलाक़ात कर उनका स्वागत किया। साथ ही उत्तर प्रदेश के साथ कारोबार की इच्छा जताई व केन्या में हर संभव मदद का वादा किया । राजकोट मूल के एक अत्यंत प्रतिष्ठित तीसरी पीढ़ीके गुजराती परिवार से संबंध रखने वाले डॉ. कांटारिया के दादाजी 1898 में केन्या आए थे। आज वे पूर्वी अफ्रीका की सबसे बड़ी कृषि इनपुट कंपनी एल्गॉन केन्या लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं, जो केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथियोपिया और जाम्बिया में 600 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है। खेमका ने यूपी सरकार से अपील करते हुए कहा की विश्व के करीब सभी देशों में प्रवासी भारतीयों ने अपनी योग्यता और परिश्रम से विशिष्ट स्थान बनाया है। उन सभी को देशहित में पुनः संगठित करने की आवश्यकता है। सभी के आपसी सहयोग से हम निश्चित ही अपने देश और प्रदेश के लिए अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल कर सकेंगे।
गौरतलब है की वैश्विक स्तर पर चीन के बाद भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है। भारत में सालाना लगभग 5.5 से 6 करोड़ मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। और उत्तर प्रदेश 33% से अधिक योगदान के साथ देश में सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है।  उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री व  खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मन्त्री श्री केशव प्रसाद मौर्य व विभाग के अपर मुख्य सचिव  श्री मीणा का इस संबंध में योगदान उल्लेखनीय है।
यूपी सरकार के पोटैटो डिप्लोमेट श्री मीणा के स्वागत समारोह में हिंदू काउंसिल ऑफ केन्या की अध्यक्ष श्रीमती सुजाता कोटामराजू,  परेश शाह, शेखर अगस्त्यराजू, विमल चड्ढा, उपकार उपाध्यक्ष निखिलेश श्रीवास्तव, शेफाली मोंगिया समेत अनेक गणमान्य प्रवासी भारतीय उपस्थित रहे।
अब दूरबीन से तारों और ग्रहों को करीब से जानेंगे विद्यार्थी
- लखनऊ में शुरू होगा खगोल विज्ञान का सर्टिफिकेट कोर्स
- इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला में 15 नवंबर से 15 दिवसीय प्रशिक्षण, सौरमंडल से लेकर तारों के जीवन चक्र तक की मिलेगी जानकारी

लखनऊ। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और विज्ञान प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। अब वे तारों, ग्रहों और सौरमंडल की दुनिया को नजदीक से समझने के साथ ही दूरबीन के जरिए आकाशीय पिंडों का अवलोकन भी कर सकेंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संचालित इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला की ओर से ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स-लेवल प्रथम’ का आयोजन किया जा रहा है। 15 दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 नवंबर से 25 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित होगा।
इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराने के साथ आधुनिक खगोलीय प्रेक्षण तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना है। इसमें विशेषज्ञों के व्याख्यान के अलावा हैंड्स-ऑन गतिविधियां, दूरबीन के संचालन का प्रशिक्षण और रात्रिकालीन आकाश का अवलोकन कराया जाएगा।
- छह प्रमुख विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण
पाठ्यक्रम में छह प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। इनमें सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों, धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों की जानकारी, तारों एवं तारामंडलों की पहचान, तारों का जीवन चक्र और हर्ट्ज़स्प्रंग-रसेल (HR) आरेख शामिल हैं। इसके अलावा खगोलीय निर्देशांक प्रणाली, राइट एसेन्शन (RA), डिक्लिनेशन और आकाश मानचित्रण की जानकारी दी जाएगी।
प्रतिभागियों को दूरबीन के संयोजन, संरेखण, संचालन और रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। सूर्य, सौर कलंक, सौर ज्वालाओं, सौर पवन और ग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं के साथ रात्रिकालीन आकाश के प्रत्यक्ष अवलोकन का भी अवसर मिलेगा।
- देश-विदेश के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT), कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KNIT), सुल्तानपुर, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, तार्तु वेधशाला, एस्टोनिया, उत्तर प्रदेश अमेचर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब और इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला के विशेषज्ञ शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे।
- 50 प्रतिभागियों को मिलेगा प्रवेश
पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें न्यूनतम 15 और अधिकतम 50 प्रतिभागियों को प्रवेश दिया जाएगा। विज्ञान विषयों से स्नातक और परास्नातक करने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी, हालांकि खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
प्रशिक्षण सत्र प्रत्येक शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में आयोजित होंगे। कार्यक्रम मुख्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ में संचालित किया जाएगा। पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
- ऑनलाइन कर सकते हैं पंजीकरण
इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण लिंक: https://forms.gle/KXfZs58Vt6VfiZSC8
इन्दिरा गांधी नक्षत्रशाला की यह पहल युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर खगोलीय घटनाओं के प्रत्यक्ष अध्ययन एवं प्रेक्षण का अनुभव देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यूपी में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू, कर्मचारियों को मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन; बोनस भुगतान के भी निर्देश
*1अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी नई दरें, अकुशल से लेकर कुशल श्रमिकों तक की मजदूरी निर्धारित*

लखनऊ, 02 नवम्बर 2026। जनपद के सभी प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को शासन की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते सहित पूरा पारिश्रमिक देना होगा। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 का देय बोनस भी नियमानुसार भुगतान करना अनिवार्य होगा। अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव, लखनऊ क्षेत्र की ओर से जनपद के समस्त सेवायोजकों (नियोक्ताओं) से कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों को उनकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित मजदूरी और अन्य देयकों का भुगतान समय से किया जाए।
अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि  1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते सहित न्यूनतम मजदूरी की नई दरें निर्धारित की गई हैं। इन दरों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जनपद को शामिल किया गया है। यहां अकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 12,885 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 998.59 रुपये निर्धारित किया गया है। इस तरह कुल मासिक मजदूरी 13,883.59 रुपये और दैनिक मजदूरी 533.98 रुपये होगी। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 14,173 रुपये और महंगाई भत्ता 1,098.41 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 15,271.41 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 587.36 रुपये तय की गई है। वहीं कुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 15,876 रुपये और महंगाई भत्ता 1,230.39 रुपये मिलाकर कुल मासिक मजदूरी 17,106.39 रुपये और दैनिक मजदूरी 657.94 रुपये निर्धारित की गई है।
दूसरी श्रेणी में उत्तर प्रदेश के नगर निगम वाले जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में अकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 12,241 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 948.68 रुपये निर्धारित किया गया है। इस प्रकार उनकी कुल मासिक मजदूरी 13,189.68 रुपये और दैनिक मजदूरी 507.30 रुपये होगी। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 13,464 रुपये और महंगाई भत्ता 1,043.46 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 14,507.46 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 557.98 रुपये तय की गई है। इसी तरह कुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 15,082 रुपये और महंगाई भत्ता 1,168.86 रुपये मिलाकर कुल मासिक मजदूरी 16,250.86 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 625.03 रुपये निर्धारित की गई है।
तीसरी श्रेणी में उत्तर प्रदेश के द्वितीय श्रेणी के जिलों से भिन्न अन्य जिलों को रखा गया है। यहां अकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 11,629 रुपये और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता 901.25 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 12,530.25 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 481.93 रुपये होगी। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 12,791 रुपये और महंगाई भत्ता 991.30 रुपये मिलाकर कुल मासिक मजदूरी 13,782.30 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 530.09 रुपये तय की गई है। वहीं कुशल श्रमिकों की मूल मजदूरी 14,328 रुपये और महंगाई भत्ता 1,110.42 रुपये सहित कुल मासिक मजदूरी 15,438.42 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 593.79 रुपये निर्धारित की गई है।
विभाग की ओर से सभी सेवायोजकों से बोनस भुगतान को लेकर भी अपील की गई है। नियोक्ताओं को वेतन संहिता, 2019 तथा तत्संबंधी केंद्रीय एवं उत्तर प्रदेश नियमावली, 2026 में बोनस भुगतान के संबंध में निर्धारित व्यवस्था और लागू प्रावधानों के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों को लेखा वर्ष 2025-26 का देय बोनस नियमानुसार और निर्धारित समयावधि में देना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक अप्रैल 2026 के बाद कार्यभार संभालने वाले नए कर्मचारियों को नियमानुसार अगले लेखा वर्ष में बोनस की पात्रता मिलेगी।
अपर श्रम आयुक्त ने नियोक्ताओं को यह भी निर्देश दिये है कि कर्मचारियों को देय मजदूरी और बोनस का भुगतान पारदर्शी तरीके से किया जाए। इसके साथ ही भुगतान से संबंधित अभिलेखों का समुचित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए श्रम कानूनों के प्रावधानों का पालन करना सभी सेवायोजकों की जिम्मेदारी है। श्रमिकों को उनके विधिसम्मत देयकों का भुगतान कर औद्योगिक सौहार्द और श्रमिक कल्याण में सहयोग प्रदान किया जाए।
विकास योजनाओं का लाभ पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे, मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार
- *मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, आवास योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना संग अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर किया गया सम्मानित*
- *किसी को आवास की चाभी तो किसी को स्वरोजगार के लिए मिला डेमो चेक, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया गया सम्मानित*

*गोंडा, 02 नवंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोंडा में गौरा और मनकापुर विधानसभा क्षेत्र के कई लाभार्थियों को विकास परियोजनाओं से लाभान्वित करने के साथ सम्मानित किया। मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। सभी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को मंच से योजनाओं के तहत सहायता राशि, आवास की चाभी और अन्य स्वीकृति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, डेमो कार्ड और उपहार प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी राम प्रताप को आयुष्मान कार्ड का डेमो देकर सम्मानित किया गया। राम प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों आयुष्मान कार्ड मिलना एक सपने के सच होने जैसा है। इस कार्ड से उन्हें पूरे परिवार की स्वास्थ्य की गारंटी मिली है। अब इलाज की कोई चिंता नहीं रहेगी। वहीं,  मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के तहत संगीता को 85 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। उन्होंने इस मदद के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। कहा कि इस तरह की मदद हमें संबल देती है। वहीं, घनश्याम को आवास की चाभी सौंपी गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की वजह से उन्हें पक्की छत मिल सकी है। परिवार अब सुरक्षित ढंग से रह सकेगा। आजीविका मिशन के तहत रेनू वर्मा को 12 करोड़ रुपये का डेमो चेक दिया गया। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से समूह को आगे ले जाने में बड़ी मदद मिलेगी। वहीं,  मीना को भी आवास की डेमो चाभी मिली। झिनकना देवी को दो लाख रुपये की सहायता का लाभ दिया गया।
वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बीनू पांडेय को एक लाख 19 हजार रुपये का डेमो चेक देकर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना के तहत निर्मला देवी को 50 हजार रुपये की सहायता का चेक प्रदान किया गया। वहीं, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत रामतीर्थ को सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभार्थी मुस्ताक अहमद को पांच लाख 60 हजार रुपये का डेमो चेक दिया गया। इसके अलावा लकी सिंह को स्टडी टेबल देकर शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाया गया।
इन योजनाओं का लाभ पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं जरूरतमंदों को आर्थिक संबल देने के साथ ही आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही हैं। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
योगी सरकार ने साक्षरता कर्मियों के बकाया मानदेय भुगतान का रास्ता खोला, 64 जिलों के लिए लगभग ₹397.19 करोड़ आवंटित

*- साक्षर भारत योजना के अंतर्गत जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों तथा प्रेरकों के अवशेष मानदेय भुगतान के लिए धनराशि स्वीकृत*
*- प्रेरकों को ₹2,000 और जिला/ब्लॉक समन्वयकों को ₹6,000 प्रतिमाह की दर से होगा भुगतान*
*- भुगतान से पहले अभिलेखों, उपस्थिति और कार्यों का सत्यापन अनिवार्य*
*- संबंधित जनपदों को 31 दिसंबर तक धनराशि व्यय करने और 5 जनवरी 2027 तक उपयोगिता विवरण देने के निर्देश*

*लखनऊ, 02 नवम्बर।* साक्षर भारत योजना से जुड़े कार्मिकों के बकाया मानदेय भुगतान को लेकर योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के 64 जिलों के लिए करीब ₹397.19 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। इससे वर्षों से लंबित भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और योजना के अंतर्गत कार्य कर चुके जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों तथा प्रेरकों को उनका अवशेष मानदेय मिल सकेगा। कार्मिकों के भुगतान को निर्धारित प्रक्रिया और वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। निर्धारित सत्यापन और समयसीमा के साथ भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निदेशक एवं सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से जारी आदेश में साक्षर भारत योजना के अंतर्गत 31 मार्च 2018 तक कार्यरत रहे साक्षरता कर्मियों के अवशेष मानदेय भुगतान के लिए धनराशि आवंटित की गई है। आदेश के अनुसार, प्रेरकों को ₹2,000 प्रतिमाह और जिला/ब्लॉक समन्वयकों को ₹6,000 प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाएगा।
*कार्मिकों की वास्तविक उपस्थिति, कार्यों और अभिलेखों का होगा सत्यापन*
मानदेय भुगतान से पहले संबंधित कार्मिकों की वास्तविक उपस्थिति, कार्यों और अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। जिला स्तर पर उपलब्ध ऑडिट रिपोर्ट तथा अन्य अभिलेखों के आधार पर बकाया राशि का निर्धारण किया जाएगा। आदेश में यह भी निर्देशित किया गया है कि आवंटित धनराशि का उपयोग निर्धारित मद में ही किया जाए और किसी अन्य मद में उसका विचलन न हो।
*31 दिसंबर तक निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुसार खर्च होगी धनराशि*
संबंधित जनपदों को 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुसार धनराशि खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यय का विवरण और उपयोगिता प्रमाण-पत्र 5 जनवरी 2027 तक निदेशालय को उपलब्ध कराना होगा। भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया जाएगा। आदेश में वित्तीय अनियमितता की स्थिति में संबंधित जनपदीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
लखनऊ में 23 से 26 नवंबर तक होगा राष्ट्रीय जनजातीय भागीदारी उत्सव
*योगी सरकार सजाएगी जनजातीय कला और शिल्प का राष्ट्रीय मंच, 150 से अधिक शिल्पकार दिखाएंगे हुनर*
*16 राज्यों के 500 से अधिक कलाकार दिखाएंगे संस्कृति के रंग*
*जनजातीय भागीदारी उत्सव में घुमंतू समुदायों की कलाओं को मिलेगा मंच, बहुरूपिया, नट-नटी और कठपुतली होंगे आकर्षण*
*मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा से लेकर असम तक जुटेंगे कलाकार, जनजातीय उत्सव में दिखेगी देश की सांस्कृतिक विविधता*
*जनजातीय संस्कृति से रूबरू होंगे विद्यार्थी, महोत्सव में संगोष्ठी, चित्रकला प्रदर्शनी और हस्तशिल्प कार्यशालाएं भी होंगी*
*जनजातीय कला और पारंपरिक ज्ञान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा भागीदारी उत्सव: जयवीर सिंह*

लखनऊ, 2 नवंबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में 23 से 26 नवंबर तक जनजातीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक हुनर का राष्ट्रीय संगम देखने को मिलेगा। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग) की ओर से 'राष्ट्रीय जनजातीय भागीदारी उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यूपी दर्शन पार्क, गोमती नगर में होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन में देश के 16 राज्यों के 500 से अधिक कलाकार प्रस्तुतियों के जरिए जनजातीय जीवन और संस्कृति की विविधता से लोगों को परिचित कराएंगे।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, समाज कल्याण विभाग, जनजाति विकास विभाग और पर्यटन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। इस आयोजन में मेजबान उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, त्रिपुरा, असम, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।  इन राज्यों के सांस्कृतिक दल लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों की जनजातीय विरासत को मंच पर लाएंगे। अन्य राज्यों के कलाकारों को आमंत्रित करने के लिए उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के माध्यम से भी प्रयास किए जाएंगे।
*विलुप्त होती लोक विधाएं होंगी महोत्सव का मुख्य आकर्षण*
इस उत्सव में जनजातीय कलाकारों के साथ घुमंतू समुदायों की पारंपरिक कलाओं को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। इसमें बीन वादन, जादू, कठपुतली, बहुरूपिया और नट-नटी की प्रस्तुतियां होंगी। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और योगदान पर आधारित रंगोली के साथ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे। विलुप्त होती लोक विधाओं को इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बनाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी इन पारंपरिक कलाओं से परिचित हो सके। इसके जरिए उन कलाकारों और समुदायों को भी मंच मिलेगा, जो लंबे समय से इन लोक विधाओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
*शिल्प मेले का भी होगा आयोजन*
इसमें शिल्प मेले का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें 150 से अधिक शिल्पकार अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेले में जनजातीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, पारंपरिक आभूषणों और जनजातीय वाद्ययंत्रों की दुकानें लगाई जाएंगी। इसके साथ जनजातीय चित्रकला और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी तथा कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। मूंज और गेहूं के डंठल से उपयोगी और सजावटी सामग्री बनाने का प्रदर्शन किया जाएगा। जनजातीय जीवन और परंपराओं को करीब से समझाने के लिए आयोजन स्थल पर ग्रामीण परिवेश भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित पुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था भी होगी।
*मध्य प्रदेश होगा थीम स्टेट, विदेशी कलाकार भी देंगे प्रस्तुतियां*
इस बार जनजातीय भागीदारी उत्सव में मध्य प्रदेश को थीम स्टेट के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत वहां की जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में विदेशी कलाकार भी प्रतिभाग करेंगे, जिससे अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखने का अवसर मिलेगा। विभिन्न राज्यों के कलाकारों के साथ विदेशी सांस्कृतिक समूहों की भागीदारी से महोत्सव में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि जनजातीय भागीदारी उत्सव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को जनजातीय संस्कृति से जोड़ने के लिए स्थानीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। विद्यार्थियों को लोककलाओं, जनजातीय शिल्प, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसमें संगोष्ठी, चित्रकला प्रदर्शनी और हस्तशिल्प कार्यशालाओं के माध्यम से जनजातीय समाज के इतिहास, परंपराओं और हुनर पर चर्चा की जाएगी। चार दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर शिल्प और खानपान तक जनजातीय जीवन के विभिन्न पक्षों को एक ही मंच पर लाने की तैयारी है।
सपा जब भी सत्ता में आई, यूपी में तबाही लाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 520 करोड़ रुपये से अधिक की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास और लाभार्थियों को चेक व स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम को किया संबोधित

- किसी सपाई और कसाई को दुर्गा पूजा से परेशानी है तो अपने घर में शोक मनाए: मुख्यमंत्री योगी

- इसी सप्ताह साढ़े चार हजार दारोगाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र, छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य

- सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, हमने पुष्पवर्षा कर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया: मुख्यमंत्री योगी

- पहले विकास का मतलब केवल सैफई था, अब प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंच रही विकास की योजनाएं

गोंडा, 02 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा जब भी सत्ता में आई, उत्तर प्रदेश में तबाही लाई। उसके शासन में दंगे, कर्फ्यू और अपराध का बोलबाला था। पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। गरीबों के हक और नौजवानों के रोजगार पर डकैती डाली जाती थी। बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा खतरे में रहती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में दंगा और कर्फ्यू नहीं है। लोग निर्भय होकर त्योहार मना रहे हैं। सपा और कांग्रेस अपराधियों को प्रश्रय देती हैं, जबकि भाजपा सरकार बदलाव लाती है और आस्था को सम्मान देती है।

मुख्यमंत्री योगी सोमवार को गोंडा के छपिया विकासखंड की ग्राम पंचायत तेजपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गौरा और मनकापुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 520 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सड़क, शिक्षा और सेतु से जुड़ी इन परियोजनाओं के साथ विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, स्वीकृति पत्र और अन्य सामग्री भी वितरित की।

- सपाई और कसाई को परेशानी है तो अपने घर में शोक मनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई सनातन धर्मावलंबी अपने घर में मां दुर्गा की पूजा करता था तो कोई सपाई और कोई कसाई उसका विरोध करते हुए शिकायत करता था। इसके बाद लखनऊ में बैठी समाजवादी पार्टी की सरकार पूजा पर रोक लगा देती थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नवरात्र में प्रदेशभर में 67 हजार दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हुईं। किसी सपाई और किसी कसाई को परेशानी होती है तो अपने घर में शोक मनाएं, लेकिन किसी को परेशान न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा में बाधाएं खड़ी की जाती थीं, जबकि अब गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हुए।

- रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को दिलाई दो नवंबर की याद

मुख्यमंत्री ने दो नवंबर 1990 की घटना याद दिलाते हुए कहा कि इसी दिन अयोध्या में तत्कालीन सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि सपा ने रामभक्तों को गोलियों से लहूलुहान किया, जबकि भाजपा सरकार ने रामभक्तों पर पुष्पवर्षा कर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

- गोंडा को 16 हजार करोड़ की परियोजनाएं, तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकास का मतलब केवल सैफई था। अब सभी 75 जिलों तक योजनाएं पहुंच रही हैं। गोंडा के लिए साढ़े नौ वर्षों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक और पूरे देवीपाटन मंडल के लिए लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। वर्ष 2023 में गोंडा को तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें कई परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि पहले गोंडा की सड़कें बदहाल थीं और क्षेत्र पिछड़ेपन से जूझ रहा था। अब गोंडा में महाराजा देवी बख्श सिंह मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज बन चुका है, जबकि बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। गोंडा-अयोध्या और बलरामपुर-गोंडा मार्ग के चौड़ीकरण को केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है।

- साढ़े चार हजार दारोगाओं को इसी सप्ताह नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की कार्ययोजना तैयार है। अब तक 12 से 15 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसी सप्ताह साढ़े चार हजार दारोगाओं, दीपावली के बाद 35 हजार पुलिस कांस्टेबलों और उसके बाद 42 हजार होमगार्डों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। शिक्षकों और अन्य विभागों में भी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

- अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण और सीधी भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, वन और कारागार सहित विभिन्न विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण और बिना परीक्षा सीधी भर्ती दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पदक विजेता खिलाड़ियों को भी डिप्टी एसपी और खेल अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं।

- सुरक्षा में सेंध लगाई तो जेल या जहन्नुम

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरी कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि अब माफिया विकास योजनाओं को रोक नहीं सकते। गोंडा के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे महानगरों में नहीं जाना पड़ेगा। निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। पराली और गोबर से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस परियोजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। बाबा पृथ्वीनाथ, मां बाराही और स्वामीनारायण छपिया जैसे आस्था स्थलों का विकास भी कराया जा रहा है।

- सपा में माफिया राज, बसपा में जन्मदिन के नाम पर वसूली: कीर्तिवर्धन

केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में माफिया राज था, जबकि बसपा सरकार में पार्टी प्रमुख के जन्मदिन के नाम पर जनप्रतिनिधियों से वसूली होती थी। उन्होंने कहा कि पहले बिजली, राशन और महिलाओं की सुरक्षा की समस्या थी। अब किसानों को सिंचाई के लिए बिजली, गरीबों को मुफ्त राशन और महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से रोजगार मिल रहा है। गोंडा में मेडिकल कॉलेज, पुलों और सड़कों का निर्माण हुआ है।

- गौरा में पांच राजकीय इंटर कॉलेज, मनकापुर में बढ़ीं सुविधाएं

गौरा विधायक प्रभात वर्मा ने कहा कि क्षेत्र में अब पांच राजकीय इंटर कॉलेज हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक स्थलों का विकास हुआ है। मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री ने किसानों और आमजन को योजनाओं का लाभ मिलने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

- लाभार्थियों को योजनाओं के तहत चेक, प्रमाण पत्र और चाबियां सौंपीं

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत रामप्रताप को पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का प्रतीकात्मक कार्ड और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से संगीता को 85 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थी घनश्याम को आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी रेनू वर्मा को 12.73 करोड़ रुपये का डेमो चेक दिया गया।

पंचायती राज विभाग की गोनार्द स्वच्छता मार्ट योजना के तहत मीना देवी को प्रतीकात्मक चाबी प्रदान की गई। श्रम विभाग की निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना के तहत झिनकना देवी को दो लाख रुपये का चेक दिया गया। कृषि विभाग की एसएमएएम योजना के अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर की लाभार्थी शकुंतला को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बीनू पांडेय को 1.19 लाख रुपये का चेक, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत निर्मला देवी को 80 हजार रुपये का डेमो चेक और प्रमाण पत्र तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मुश्ताक अहमद को 5.60 लाख रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थी रामतीरथ को प्रमाण पत्र और स्टडी टेबल वितरण योजना के तहत लकी सिंह को स्टडी टेबल दी गई।

मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया, बच्चों का अन्नप्राशन कराया और उन्हें चॉकलेट व खिलौने दिए। गर्भवती महिलाओं की गोदभराई में शामिल होकर पोषण किट वितरित कीं। दिव्यांग महिलाओं को ट्राईसाइकिल और उपहार दिए। बाल संतों ने मंत्रोच्चार से उनका स्वागत किया। विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने सात नवंबर के दीपोत्सव पर जरूरतमंद परिवारों के साथ खुशियां बांटने की अपील की।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, सांसद करण भूषण सिंह, विधायक रमापति शास्त्री, प्रभात वर्मा, विनय कुमार द्विवेदी, प्रतीक भूषण सिंह, प्रेम नारायण पांडेय, बावन सिंह, अजय सिंह, विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह, घनश्याम मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष इकबाल बहादुर तिवारी, मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन उपस्थित रहे।

चक्रवात ‘मुरासु’ हुआ ताकतवर, आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का खतरा
-  110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
- बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर दूसरा चक्रवाती तूफान, ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम बंगाल। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘मुरासु’ अब शक्तिशाली तूफान में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह तूफान चेन्नई से करीब 260 किलोमीटर और नेल्लोर से 290 किलोमीटर दूर था। यह लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहले चक्रवात ‘अर्नब’ ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी थी। अब ‘मुरासु’ के चलते दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने का अनुमान है।
- नौ राज्यों में दिखेगा चक्रवात का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ का असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र तक देखने को मिल सकता है। ओडिशा में 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
- यूपी में कोहरा, उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार
चक्रवात के बीच उत्तर भारत के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के देवरिया और कुशीनगर समेत करीब 10 शहरों में सोमवार सुबह कोहरे की चादर छाई रही। बिहार के सुपौल में कोहरे के कारण दृश्यता घटकर महज 60 मीटर रह गई।
उधर, उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग समेत पांच पहाड़ी जिलों में सोमवार को बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम के इस बदले मिजाज से पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के आसार हैं।